सरकार ईद के बाद संभवत: मंगलवार को लोकसभा में वक्फ विधेयक पेश कर सकती है। कोशिश यही रहेगी कि इसी सत्र में कम से कम एक सदन से विधेयक पारित हो जाए। वक्फ संशोधन विधेयक को अगस्त 2024 में जेपीसी के पास भेजा गया था। सरकार ने रिपोर्ट देख ली है और उसके अनुसार पुराने विधेयक में कुछ बदलाव करने की तैयारी कर ली गई है।
नई दिल्ली। विपक्षी दलों के कुछ सुझावों को शामिल करने के बाद सरकार ने वक्फ विधेयक में संशोधनों को लेकर संयुक्त संसदीय समिति द्वारा दिए गए सुझावों को स्वीकार कर लिया है।
बताया जा रहा है कि इसी आधार पर सरकार ईद के बाद संभवत: मंगलवार को लोकसभा में वक्फ विधेयक पेश कर सकती है। कोशिश रहेगी कि इस सत्र में कम से कम एक सदन से विधेयक पारित हो जाए। वक्फ संशोधन विधेयक को अगस्त 2024 में जेपीसी के पास भेजा गया था।
जेपीसी ने बजट सत्र के पहले हफ्ते में अपनी रिपोर्ट भी सौंप दी थी। बताया जा रहा है कि सरकार ने रिपोर्ट देख ली है और उसके अनुसार पुराने विधेयक में कुछ बदलाव करने की तैयारी कर ली गई है। विपक्षी दलों को इस बात का अहसास है कि सरकार के पास किसी भी विधेयक को पारित कराने के लिए पर्याप्त संख्याबल है। भाजपा बना रही है यह योजना
ऐसे में विपक्षी दल भाजपा के सहयोगी दलों- जदयू, टीडीपी और लोक जनशक्ति पार्टी के नेताओं से संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं और सार्वजनिक बयानों में उन्हें आगाह करने की कोशिश भी कर रहे हैं।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक सहयोगी दलों में कोई संशय नहीं है। जेपीसी में उनके नेता भी मौजूद थे और उनके सुझावों पर अच्छी तरह विचार किया गया। फिर भी विधेयक पेश होने से पहले सहयोगी दलों के नेताओं को इस बारे में औपचारिक रूप से जानकारी दी जा सकती है।
सूत्रों के मुताबिक कोशिश यह होगी कि विधेयक कम से कम एक सदन से पारित हो जाए। यह तय है कि इस पर संसद में गरमागरमी होगी। हालांकि यह भी तय है कि सरकार विधेयक पारित कराने में जल्दबाजी नहीं करेगी और चर्चा के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा। बजट सत्र 4 अप्रैल को खत्म हो रहा है।
गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि संसद के इसी सत्र में वक्फ (संशोधन) विधेयक फिर से पेश किया जाएगा। अगस्त 2024 में यह विधेयक संयुक्त संसदीय समिति को भेजा गया था। 4 अप्रैल को समाप्त हो रहे मौजूदा बजट सत्र में अब सिर्फ चार कार्यदिवस बचे हैं।
अमित शाह ने एक निजी चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहा कि हम इसी सत्र में संसद में वक्फ विधेयक पेश करेंगे। प्रस्तावित कानून से किसी को डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि नरेंद्र मोदी सरकार संविधान के दायरे में रहकर वक्फ एक्ट में संशोधन कर रही है। विपक्ष मुसलमानों को गुमराह कर रहा है। मुसलमानों के किसी अधिकार पर अंकुश नहीं लगाया जाएगा। विपक्ष सिर्फ झूठ पर झूठ बोल रहा है।