रांची में परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने हेमंत सोरेन सरकार पर आरोप लगाया है कि वह हाई कोर्ट में अपना पक्ष ठीक से नहीं रख पाई।
झारखंड में परीक्षा रद्द करने के फैसले पर हाई कोर्ट की रोक के बाद, प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों ने आज (शनिवार) अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार पर आरोप लगाया कि परीक्षा रद्द करने के फैसले का कोर्ट में मजबूती से बचाव न करके सरकार ने उनके साथ धोखा किया है।
**'सुधार मंच' ने झारखंड सरकार के कानूनी बचाव पर सवाल उठाए**
'JPSC-JSSC सुधार मंच' ने हाई कोर्ट में हेमंत सोरेन सरकार के कानूनी प्रतिनिधित्व पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि याचिकाओं का प्रभावी ढंग से विरोध करने के लिए वरिष्ठ कानून अधिकारी मौजूद नहीं थे।
**24 अगस्त से 'भर्ती प्रणाली सुधार मार्च' शुरू करने की घोषणा**
इस बीच, JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो ने 24 अगस्त से 'भर्ती प्रणाली सुधार मार्च' शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार 15 सितंबर को हाई कोर्ट में अपना पक्ष प्रभावी ढंग से नहीं रख पाती है, तो मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जा सकता है।
**सफल उम्मीदवार हाई कोर्ट पहुंचे थे**
गौरतलब है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों के 26 दिनों के विरोध प्रदर्शन के बाद, हेमंत सोरेन सरकार ने नौकरी से जुड़ी 22 परीक्षाओं को रद्द करने और 23 अन्य की जांच के आदेश दिए थे। हालांकि इससे शुरुआती विरोध तो खत्म हो गया, लेकिन परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों ने नया विरोध शुरू कर दिया। इनमें से कई उम्मीदवार नौकरी खोने के डर से हाई कोर्ट पहुंचे।
**हाई कोर्ट ने झारखंड सरकार की अधिसूचना पर रोक लगाई**
इसके बाद, इन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाई कोर्ट ने भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के संबंध में हेमंत सरकार द्वारा जारी कई अधिसूचनाओं पर रोक लगा दी। इससे उन प्रदर्शनकारियों में गुस्सा फैल गया जो परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे थे। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे 'JPSC-JSSC सुधार मंच' के सदस्यों ने पिछले शुक्रवार को झारखंड लोक सेवा आयोग कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला। मार्च के दौरान पुलिस के साथ उनकी झड़प भी हुई।
रांची में सोरेन और राहुल के पुतले जलाने की कोशिश।
गिरिडीह और हजारीबाग में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने रांची के अल्बर्ट चौक पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राहुल गांधी के पुतले जलाने की भी कोशिश की। वे भर्ती परीक्षा में 'अनियमितताओं' और हाई कोर्ट में अपने फ़ैसले का असरदार ढंग से बचाव न कर पाने के झारखंड सरकार के रवैये के ख़िलाफ़ विरोध कर रहे थे।