- 'वंदे मातरम का अपमान...' – गजेंद्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस पर हमला बोला।

 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति के कारण कांग्रेस पार्टी ने 'वंदे मातरम' को दो हिस्सों में बांट दिया—एक ऐसा काम जिसे उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया।

केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 'वंदे मातरम' को लेकर कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति से प्रेरित होकर 'वंदे मातरम' को दो हिस्सों में बांटने का कांग्रेस पार्टी का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय था। शेखावत ने रविवार को जोधपुर में अपने आवास पर मीडिया से बात करते हुए ये बातें कहीं।

Rajasthan Politics Gajendra Singh Shekhawat attacked Congress | Rajasthan Politics: गजेंद्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस पर बोला हमला,कहा- पार्टी झूठ बोलने का काम कर रही है.. | Hindi News ...

शेखावत ने जोर देकर कहा कि 'वंदे मातरम' सिर्फ़ एक गीत नहीं है, बल्कि उस प्रेरणा और ऊर्जा का प्रतीक है जिसने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को गति दी। इस गीत ने लाखों नागरिकों को आज़ादी की लड़ाई में शामिल होने और देश के लिए बलिदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे विभिन्न स्वतंत्रता आंदोलनों को एकजुट करने में 'वंदे मातरम' ने अहम भूमिका निभाई।

**'कांग्रेस ने कभी वंदे मातरम को उचित सम्मान नहीं दिया'**

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केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि संविधान सभा के फैसले के बावजूद, कांग्रेस पार्टी ने कभी भी 'वंदे मातरम' को वह सम्मान नहीं दिया जिसकी वह हकदार थी। उन्होंने 'वंदे मातरम' के प्रति कांग्रेस पार्टी के रवैये को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। साथ ही, उन्होंने कहा कि संसद द्वारा कानून बनने के बाद इस संबंध में उठाए गए कदम गंभीर कानूनी सवाल खड़े करते हैं।

**ऑनलाइन कोचिंग पहल को एक बड़ी पहल बताया**

शेखावत ने ऑनलाइन कोचिंग को लेकर प्रधानमंत्री की पहल पर भी टिप्पणी की। इसे शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए, उन्होंने बदलते समय और बदलती ज़रूरतों के साथ तालमेल बिठाने के लिए शिक्षा प्रणाली को लगातार आधुनिक बनाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।

उन्होंने देश भर में कोचिंग संस्थानों और संगठनों के बढ़ते प्रसार का ज़िक्र करते हुए कहा कि आम और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए कोचिंग की भारी-भरकम फीस देना मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में, छात्रों को एक ऐसा ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म देना जहाँ वे अपनी ज़रूरतों के हिसाब से कोर्स चुन सकें और उसी के अनुसार तैयारी कर सकें, एक स्वागत योग्य कदम होगा। शेखावत ने उम्मीद जताई कि ऑनलाइन कोचिंग की यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।

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