- 'इंटेलेक्चुअल नक्सल' वाली टिप्पणी पर कांग्रेस ने पलटवार किया! जयराम रमेश ने पूछा—क्या न्याय...

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने "इंटलेक्चुअल नक्सल" (बौद्धिक नक्सली) विवाद को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधा है और सरकार से जाति जनगणना, सामाजिक न्याय, महिला आरक्षण और परिसीमन के बारे में सवाल किए हैं।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की "इंटलेक्चुअल नक्सल" वाली टिप्पणी को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने सवाल किया कि क्या सिर्फ़ सरकारी नीतियों पर सवाल उठाने या सामाजिक न्याय की मांग करने पर किसी को "इंटलेक्चुअल नक्सल" कहना सही है।

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रमेश ने कहा कि जाति जनगणना की मांग करने वालों को सरकार की ओर से लंबे समय तक कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने शुरू में जाति जनगणना कराने से इनकार कर दिया था, लेकिन बाद में 30 अप्रैल, 2025 को इसे कराने की योजना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जो लोग सरकार से सवाल करते हैं या उसकी नीतियों को चुनौती देते हैं, उन्हें अक्सर अलग-अलग नाम दिए जाते हैं। रमेश ने पूछा, "क्या सामाजिक न्याय की मांग करना 'इंटलेक्चुअल नक्सल' का काम है?"

**कांग्रेस ने महिला आरक्षण पर भी सवाल उठाए**

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जयराम रमेश ने महिला आरक्षण बिल के लिए विपक्षी दलों से समर्थन की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के ढांचे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। 73वें और 74वें संविधान संशोधनों का हवाला देते हुए रमेश ने बताया कि उस दौरान पंचायतों, जिला परिषदों और नगर निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था को मजबूत किया गया था। उन्होंने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023' का भी ज़िक्र किया। कांग्रेस नेता के अनुसार, पार्टी महिला आरक्षण को जल्द लागू करने की मांग करती है और मौजूदा 543 सदस्यों वाली लोकसभा में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान चाहती है।

**परिसीमन पर सर्वदलीय बैठक की मांग**

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जयराम रमेश ने परिसीमन के मुद्दे पर केंद्र सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि परिसीमन का देश के संघीय ढांचे पर लंबे समय तक असर पड़ सकता है; इसलिए, इस विषय पर सभी राजनीतिक दलों के साथ चर्चा ज़रूरी है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री को कई बार पत्र लिखकर सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह किया है। जयराम रमेश ने कहा कि सरकार को महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए सिर्फ़ भाषण देने के बजाय अपनी नीति और समय-सीमा बताना ज़्यादा ज़रूरी है।

 

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