पश्चिम बंगाल STF ने दावा किया है कि पूर्वी बर्धमान में गिरफ्तार संदिग्ध आतंकवादी हमिम मंडल ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की वर्दी पहनकर हिंसा भड़काने और तोड़फोड़ करने की साजिश रची थी।
पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक संदिग्ध मॉड्यूल के बारे में अहम खुलासा किया है। STF के IG गौरव शर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पूर्वी बर्धमान में गिरफ्तार हमिम मंडल पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर्स के लगातार संपर्क में था और दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की वर्दी पहनकर हिंसा भड़काने की साजिश रच रहा था। इस मामले में उसकी कथित साथी और गर्लफ्रेंड अर्पिता सरकार को झारखंड के साहिबगंज से गिरफ्तार किया गया है।
**झारखंड में अर्पिता सरकार गिरफ्तार**
STF के IG गौरव शर्मा ने बताया कि अर्पिता सरकार को झारखंड के साहिबगंज जिले से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस के ज़रिए उसकी लोकेशन का पता लगाया और कार्रवाई की। इसके बाद उसे आगे की पूछताछ के लिए पश्चिम बंगाल लाया गया। गौरव शर्मा ने इस मामले को बेहद संवेदनशील बताया। जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से हमिम के कनेक्शन का पता लगाने के लिए भी जांच चल रही है।
**बर्धमान में गिरफ्तार हुआ था हमिम मंडल**
STF के मुताबिक, इस मामले के मुख्य आरोपी हमिम मंडल को पहले ही पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्धमान जिले से गिरफ्तार किया जा चुका था। पुलिस का आरोप है कि हमिम प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक संदिग्ध मॉड्यूल के संपर्क में था। जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल डिवाइस से मिले दस्तावेजों के आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि वह अपने हैंडलर्स के लगातार संपर्क में था।
**WhatsApp, Telegram और एन्क्रिप्टेड चैट का इस्तेमाल**
IG ने बताया कि पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच में पता चला कि हमिम WhatsApp, Telegram और अन्य मैसेजिंग ऐप्स के ज़रिए अपने हैंडलर्स के संपर्क में रहता था। STF का दावा है कि वह एन्क्रिप्टेड चैट का इस्तेमाल करता था और युवाओं का ब्रेनवाश करके उन्हें अपने नेटवर्क में शामिल करने की कोशिश कर रहा था।
**जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन में तोड़फोड़ की साजिश**
STF के मुताबिक, हमिम ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ और हिंसा भड़काने की योजना बनाई थी। जांच में पता चला कि पुलिस की वर्दी पहनकर विरोध प्रदर्शन में घुसने और फिर हिंसा फैलाने की साजिश रची गई थी।
**पुलिस की वर्दी खरीदने के निर्देश**
पुलिस सूत्रों ने बताया कि पूछताछ के दौरान हमिम मंडल ने खुलासा किया कि करीब 10-12 दिन पहले, हम्माद नाम के एक पाकिस्तानी नागरिक—जो शहजाद भट्टी गैंग का साथी बताया जाता है—ने उसे पुलिस की वर्दी खरीदने के लिए कहा था। आरोपी ने बताया कि ये वर्दियां दिल्ली के एक तय बस स्टॉप पर पहुंचाई जानी थीं, ताकि जंतर-मंतर पर होने वाले CJP विरोध प्रदर्शन के दौरान इनका इस्तेमाल किया जा सके। सूत्रों का दावा है कि ये वर्दियां आत्मघाती हमलावरों के लिए थीं; हालांकि, पेमेंट की गोपनीयता से जुड़ी दिक्कतों के कारण इस योजना को अंजाम नहीं दिया जा सका।
**पेट्रोल बम फेंकने वाले लोगों की भी तलाश**
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हमिम दिल्ली में ऐसे लोगों की भी तलाश कर रहा था जो जंतर-मंतर पर प्रस्तावित CJP विरोध प्रदर्शन के दौरान पेट्रोल बम फेंक सकें। STF इस बात की जांच कर रही है कि इस साजिश में और कौन-कौन शामिल था।
**स्थानीय मंत्री उमेश राय भी निशाने पर**
गौरव शर्मा ने बताया कि जांच में पता चला कि स्थानीय मंत्री उमेश राय भी आतंकवादियों के निशाने पर थे। STF का दावा है कि हमिम और उसकी साथी अर्पिता सरकार ने उमेश राय के बेटे को हनी ट्रैप में फंसाने की साजिश रची थी। सीमा-पार नेटवर्क से कथित संबंध
STF का कहना है कि शुरुआती जांच से पता चला है कि हमिम सोशल मीडिया के जरिए एक ऐसे नेटवर्क से जुड़ा था जो ड्रग्स और हथियारों की सीमा-पार तस्करी और भारत में आतंकवादी गतिविधियों के लिए फंडिंग से जुड़ा है।