सुधांशु त्रिवेदी ने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस बार-बार अदालत का दरवाज़ा खटखटाती है, फिर भी हर बार उसे कोई राहत नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि आज भी उनकी याचिका खारिज कर दी गई।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। BJP ने तृणमूल कांग्रेस पर ज़ोरदार हमला बोला है। पार्टी के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव आगे बढ़ा, तृणमूल कांग्रेस का जनाधार और मनोबल लगातार कम होता गया। उन्होंने कहा कि जब चुनाव शांतिपूर्ण और बिना किसी हिंसा के संपन्न हुआ, तो तृणमूल कांग्रेस साफ तौर पर बेचैन हो गई। उनके मुताबिक, एग्जिट पोल के नतीजों के बाद पार्टी अपना आपा खोती नज़र आई और अब तो वह चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर ही सवाल उठाने लगी है।
सुधांशु त्रिवेदी ने आगे आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस अक्सर अदालतों का दरवाज़ा खटखटाती है, लेकिन हर बार उसे राहत नहीं मिलती। उन्होंने बताया कि आज एक बार फिर उनकी याचिका खारिज कर दी गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस को केंद्र सरकार के कर्मचारियों पर भरोसा नहीं है, जबकि वह साथ ही राज्य सरकार के कर्मचारियों पर भरोसा करती है। I-PAC से जुड़ी छापेमारी की घटना का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद छापेमारी के दौरान मौके पर पहुंच गई थीं—यह एक ऐसा कदम है जो उनके अपने अधीन काम करने वाले प्रशासनिक तंत्र पर उनके खुद के भरोसे को लेकर सवाल खड़े करता है।
ममता बनर्जी पर जनता का भरोसा कम हुआ है: सुधांशु त्रिवेदी
BJP नेता सुधांशु त्रिवेदी ने दावा किया कि ममता बनर्जी पर जनता का भरोसा कम हो गया है। उनके मुताबिक, डर और हिंसा के ज़रिए सत्ता में बने रहने की कोशिश अब बेअसर साबित हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि तृणमूल कांग्रेस को संवैधानिक संस्थाओं पर भी भरोसा नहीं लगता, जिससे कई अहम राजनीतिक और नैतिक सवाल खड़े होते हैं। गौरतलब है कि बंगाल में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान हुआ था। नतीजों की घोषणा सोमवार, 4 मई को होनी है।