लोकसभा की विशेषाधिकार समिति ने राहुल गांधी को नोटिस जारी किया है। बीजेपी सांसद संजय जायसवाल और अनुराग ठाकुर ने गृह मंत्री अमित शाह के बारे में की गई टिप्पणियों को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया था।
लोकसभा की विशेषाधिकार समिति ने कांग्रेस सांसद और सदन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई टिप्पणियों को लेकर बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर और संजय जायसवाल द्वारा दायर विशेषाधिकार हनन की दो अलग-अलग शिकायतों के संबंध में जारी किया गया है। राहुल गांधी पर लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ असंसदीय और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप है।
पूरा मामला क्या है?
गौरतलब है कि बीजेपी सांसद संजय जायसवाल ने 29 जुलाई को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। संजय जायसवाल ने कहा कि राहुल गांधी ने बिल पर चर्चा के दौरान अमित शाह के खिलाफ असंसदीय टिप्पणियां की थीं। अध्यक्ष ओम बिरला ने इस शिकायत को विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया। इसके बाद, 30 जुलाई को बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने भी अपनी शिकायत में गांधी पर असंसदीय और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने राहुल गांधी के बयानों को विशेषाधिकार हनन और सदन का अपमान बताया।
राहुल से 28 अगस्त तक जवाब मांगा गया
लोकसभा की विशेषाधिकार समिति के संयुक्त सचिव ने राहुल गांधी को एक पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है: "मुझे आपको उन नोटिसों की प्रतियां भेजने का निर्देश दिया गया है जो सांसद डॉ. संजय जायसवाल और सांसद अनुराग ठाकुर द्वारा क्रमशः 29 जुलाई, 2026 और 30 जुलाई, 2026 को आपके खिलाफ विशेषाधिकार हनन के संबंध में दायर किए गए थे।" "आपसे अनुरोध है कि कृपया लोकसभा अध्यक्ष के विचारार्थ इस मामले पर अपना जवाब/टिप्पणी 28 अगस्त, 2026 तक प्रस्तुत करें।" **सही कार्रवाई का भरोसा – संजय जायसवाल**
इस पूरे मामले पर बात करते हुए बीजेपी सांसद संजय जायसवाल ने कहा, "मैंने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ राहुल गांधी की आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया था, क्योंकि इससे संसद की गरिमा और मर्यादा का उल्लंघन हुआ था। मैं लोकसभा स्पीकर का आभारी हूं कि उन्होंने मेरे नोटिस पर संज्ञान लिया और मामले को विशेषाधिकार समिति को भेजा। समिति ने राहुल गांधी को 28 अगस्त तक अपना स्पष्टीकरण देने का मौका दिया है। मुझे पूरा भरोसा है कि समिति इस मामले में सही कार्रवाई करेगी ताकि भविष्य में कोई भी सांसद संसद की गरिमा और मर्यादा को कम करने की कोशिश न करे।"