महाराष्ट्र में भर्ती परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति बनाने का निर्णय लिया गया है। राजस्व मंडल स्तर पर छात्रों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा और पेपर लीक व परीक्षा में अनियमितताओं को रोकने के उद्देश्य से केंद्रीय कानून लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में विभिन्न सरकारी सेवाओं के लिए भर्ती परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और व्यापक बनाने के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है। यह समिति छात्रों, शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों और अन्य हितधारकों से बातचीत करने के लिए राज्य के प्रत्येक राजस्व मंडल का दौरा करेगी और बाद में परीक्षा प्रणाली में आवश्यक सुधारों के संबंध में सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी।
**समिति की भूमिका क्या होगी?**
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को अपने आधिकारिक आवास 'वर्षा' में आयोजित एक विशेष बैठक के दौरान इस संबंध में निर्देश जारी किए। बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी उपस्थित थे और उन्होंने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। यह उच्च-स्तरीय समिति सामान्य प्रशासन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव वी. राधा की अध्यक्षता में गठित की जाएगी। इसके सदस्यों में राज्य के पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव वीरेंद्र सिंह, पशुपालन विभाग के सचिव डॉ. एन. रामास्वामी और नासिक संभागीय आयुक्त प्रवीण गेडम शामिल होंगे। समिति छात्रों, शिक्षण संस्थानों और अन्य संबंधित पक्षों से राय लेने के लिए प्रत्येक राजस्व मंडल का दौरा करेगी। इन सुझावों के आधार पर राज्य में भर्ती परीक्षाओं के लिए एक व्यापक और प्रभावी नीति तैयार की जाएगी।
**पेपर लीक और अनियमितताओं पर सख्त रुख**
मुख्यमंत्री ने परीक्षाओं के दौरान पेपर लीक और अनियमितताओं के संबंध में भी सख्त रुख अपनाया है। केंद्र सरकार ने हाल ही में संसद में पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं से निपटने के लिए कानून बनाया है। हालांकि महाराष्ट्र में इस संबंध में पहले से ही एक राज्य कानून मौजूद है, लेकिन मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि केंद्रीय कानून—जो अधिक सख्त है—को लागू करने की प्रक्रिया अगले दो सप्ताह के भीतर पूरी कर ली जाए।
**25,000 सुरक्षित कक्षाएं तैयार करने के निर्देश**
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने राज्य भर में कम से कम 25,000 सुरक्षित कक्षाएं तैयार करने के निर्देश जारी किए। बैठक में भर्ती परीक्षाओं के दौरान जिला कलेक्टरों, पुलिस आयुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। बैठक में दूसरे देशों में अपनाई जाने वाली परीक्षा प्रणालियों, महाराष्ट्र में मौजूदा परीक्षा प्रक्रिया और लागू किए जा सकने वाले संभावित सुधारों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में राज्य के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।