बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता राहुल गांधी को "पागल" कहा है। गौरतलब है कि पिछले रविवार को ही खड़गे ने पीएम मोदी के पिता को लेकर एक विवादित टिप्पणी की थी। निशिकांत दुबे का यह बयान खड़गे की इसी विवादित टिप्पणी के बाद आया है।
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है, जिसमें उन्होंने खास तौर पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता राहुल गांधी को निशाना बनाया है। दुबे ने कहा, "कांग्रेस पागलों का झुंड है। पागलों के बारे में क्या ही चर्चा की जाए? राहुल गांधी पागल हैं, और खड़गे भी पागल हैं।"
अपनी बात को दोहराते हुए, दुबे ने सवाल उठाया कि ऐसे लोगों के बारे में चर्चा करने का क्या मतलब है। अपने एक्स (पहले ट्विटर) हैंडल पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, "बिहारी बोली में एक शब्द है—'फरस्तियाना' (जिसका अर्थ है होश खो देना या पूरी तरह से मानसिक संतुलन बिगड़ जाना)—और कांग्रेस का पूरा नेतृत्व ही 'फरस्तिया' (संतुलन खो चुका) गया है।"
निशिकांत दुबे का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बिहार की राजधानी पटना में एक कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी के पिता को लेकर विवादित टिप्पणी की है। इस टिप्पणी के बाद से ही खड़गे को बीजेपी नेताओं की तीखी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
आखिर खड़गे के किस बयान की वजह से बीजेपी ने यह पलटवार किया है?
बिहार की राजधानी पटना में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, भीड़ में से किसी ने चिल्लाकर कहा, "मोदी [सत्ता से] नहीं जाएंगे।" इसके जवाब में, गुस्से में आए खड़गे ने कहा, "मोदी के पिता को भी जाना पड़ेगा।" इस दौरान खड़गे ने यह भी आरोप लगाया कि पीएम मोदी को झूठ बोलने की आदत है।
खड़गे के इस बयान से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। बीजेपी तुरंत आक्रामक हो गई और खड़गे की भाषा को "ठगों" या "गुंडों" वाली भाषा करार दिया। इसके बाद, मोदी सरकार के कई केंद्रीय मंत्रियों और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने खड़गे को निशाना बनाया और उनकी टिप्पणी की कड़ी निंदा की।
पटना में तो खड़गे के खिलाफ एक पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई गई है। चूंकि यह मुद्दा अब काफी राजनीतिक तूल पकड़ चुका है, इसलिए भाजपा का शीर्ष नेतृत्व और केंद्रीय मंत्री उनसे माफी की मांग कर रहे हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि खड़गे का बयान मर्यादा की सारी हदें पार कर गया है और उन्हें माफी मांगनी चाहिए। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मंगलवार को भाजपा इस मुद्दे को कितनी आक्रामकता के साथ उठाती है।