मल्लिकार्जुन खड़गे 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की एक वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करने वाले थे। इस बैठक का उद्देश्य ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दबाव बनाने की रणनीति पर चर्चा करना और 1 नवंबर को होने वाली 'इंडिया' गठबंधन की रैली की योजना को अंतिम रूप देना था।
विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन के नेता 'वोट चोरी' के मुद्दे पर आज फिर एकजुट होने वाले थे। इस बैठक का मकसद कथित 'वोट चोरी' के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों की रूपरेखा तैयार करना और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए दबाव बढ़ाने की रणनीति बनाना था। आज होने वाली यह वर्चुअल बैठक अब स्थगित कर दी गई है।
मल्लिकार्जुन खड़गे को बैठक की अध्यक्षता करनी थी
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इस बैठक की अध्यक्षता करने वाले थे। बैठक के एजेंडे में 1 नवंबर को दिल्ली में 'इंडिया' गठबंधन की प्रस्तावित रैली की तैयारियों की समीक्षा करना भी शामिल था। पिछले हफ्ते, विपक्षी नेताओं ने 'वोट चोरी' के आरोपों के खिलाफ विरोध जताने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया था।
राहुल गांधी ने 'इंडिया' गठबंधन के नेताओं को चाय पर बुलाया था
13 अक्टूबर को, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने आवास पर 'इंडिया' गठबंधन के नेताओं को चाय पर आमंत्रित किया था। उस बैठक के बाद, विपक्षी गठबंधन ने अपने विरोध प्रदर्शनों को जारी रखने और 'वोट चोरी' के खिलाफ लड़ाई को उसके तार्किक अंजाम तक ले जाने का संकल्प लिया।
'वोट चोरी' विपक्ष की रणनीति का एक अहम हिस्सा है
'इंडिया' गठबंधन का 'वोट चोरी' के मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करना, उनकी व्यापक रणनीति का एक मुख्य हिस्सा है। इसके जरिए, गठबंधन सरकार और चुनाव आयोग से मतदाता सूची की शुद्धता, मतदान के अधिकार और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल पूछ रहा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची में गड़बड़ी करके और कथित 'फर्जी' मतदाताओं को शामिल करके चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया जा सकता है।
विपक्ष ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात की थी
हाल के दिनों में यह मुद्दा और भी जोर पकड़ गया है। 30 सितंबर को हुई पिछली बड़ी बैठक में, विपक्षी दलों ने एक रणनीति बनाई थी, जिसमें संयुक्त विरोध प्रदर्शन, चुनाव आयोग तक मार्च और देशभर में रैलियां आयोजित करना शामिल था। इसके बाद, 9 अक्टूबर को गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की, उन्हें एक ज्ञापन सौंपा और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। विपक्ष का मकसद इस मुद्दे पर अपने सभी सहयोगियों को एक मंच पर लाना है, ताकि इस आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सके।