लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा है कि अगर विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कोई प्रस्ताव लाने के लिए नया नोटिस देता है, तो तय प्रक्रिया का पालन किया जाएगा और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर चिंता जताई है। इस बीच, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को कहा कि अगर विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए कोई नया प्रस्ताव लाता है, तो निर्धारित प्रक्रिया का सख्ती से पालन किया जाएगा, इसमें कोई बदलाव नहीं होगा।
यह बयान चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच आया है। विपक्षी दलों ने ज्ञानेश कुमार पर चुनाव आयोग की शक्तियों का एकतरफा और मनमाने ढंग से इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।
तय प्रक्रिया का पालन किया जाएगा: बिरला
12वें ब्रिक्स संसदीय मंच से पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, अध्यक्ष बिरला ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को हटाने के प्रस्ताव से निपटने की प्रक्रिया पहले से ही स्पष्ट रूप से तय है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा कोई प्रस्ताव आता है, तो निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। जिस तरह न्यायाधीशों को हटाने (महाभियोग) के लिए एक विशेष प्रक्रिया होती है, उसी तरह CEC को हटाने के लिए भी एक तय प्रक्रिया है; अगर विपक्ष ऐसा कोई प्रस्ताव लाता है, तो उसी प्रक्रिया को अपनाया जाएगा।
हर किसी को अपने विचार रखने का अधिकार है
लोकसभा अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी राय और विचार व्यक्त करने का अधिकार है। संसद के सत्रावसान (prorogation) के बारे में बिरला ने बताया कि संविधान में इसके लिए एक विशेष प्रक्रिया तय है, जिसमें लोकसभा अध्यक्ष की कोई भूमिका नहीं होती। सरकार की संसदीय समिति राष्ट्रपति को सिफारिश भेजती है और राष्ट्रपति के निर्देश के आधार पर यह प्रक्रिया पूरी की जाती है—इसके लिए नियम पहले से तय हैं। न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा से जुड़े मामले पर बिरला ने कहा कि एक रिपोर्ट मिल गई है और आगे विचार-विमर्श के बाद जल्द ही कोई फैसला लिया जाएगा। गौरतलब है कि विपक्षी दलों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है और हाल ही में इस मुद्दे को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात भी की है। विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को हटाना चाहता है और 2023 के उस कानून को रद्द करने की मांग कर रहा है, जो मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को छूट (इम्युनिटी) देता है।