रुद्रप्रयाग जिले के सौरखाल-भरदार इलाके में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि अगर वह कोई गलत काम करते हैं, तो जनता को उन्हें जूते मारने में संकोच नहीं करना चाहिए।
उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी का एक बयान इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है; रुद्रप्रयाग जिले के सौरखाल-भरदार इलाके में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगर वह कुछ गलत करते हैं, तो जनता को उन्हें जूते मारने से पीछे नहीं हटना चाहिए। मंत्री भरत सिंह चौधरी का यह बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है।
जनसभा में भरत सिंह चौधरी ने कहा कि हालांकि जनता चुने हुए प्रतिनिधियों का सम्मान करती है—अक्सर उन्हें फूलों की माला पहनाती है—लेकिन अगर कोई प्रतिनिधि गलत कदम उठाता है, तो जनता को उनसे सवाल करने और विरोध करने का पूरा अधिकार है। मंत्री चौधरी ने स्पष्ट रूप से कहा, "अगर मुझे माला पहनने का अधिकार है, तो मुझे जूते खाने का भी अधिकार है; अगर मैं कुछ गलत करता हूं, तो निश्चित रूप से मुझे जूते मारे जाने चाहिए।"
**मंत्री भरत सिंह चौधरी के बयान पर राजनीतिक हलचल**
फिलहाल, मंत्री भरत सिंह चौधरी का "गलत करने पर मुझे जूते मारें" वाला बयान पूरे उत्तराखंड में तेजी से फैल रहा है। जैसे ही इस टिप्पणी का वीडियो सामने आया, सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। जहां जनता का एक वर्ग इस बयान को प्रतिनिधि की जवाबदेही स्वीकार करने के तौर पर सराह रहा है, वहीं कुछ लोग इसे चुनाव से पहले की राजनीतिक चाल मान रहे हैं।
**भरत सिंह चौधरी रुद्रप्रयाग से विधायक हैं**
गौरतलब है कि धामी सरकार में कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी का जन्म 20 मई 1959 को हुआ था और वह उत्तराखंड के एक भारतीय राजनेता हैं। वर्तमान में वह उत्तराखंड सरकार में ग्रामीण विकास, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME), खादी एवं ग्रामोद्योग और भाषा विभागों का कार्यभार संभाल रहे हैं। वह रुद्रप्रयाग जिले की रुद्रप्रयाग विधानसभा सीट से विधायक हैं। उन्होंने 2022 के उत्तराखंड विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर जीत हासिल की थी।