मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग को एक पत्र लिखकर हरियाणा में तत्काल दखल देने की मांग की है, ताकि चुनावी प्रक्रिया फिर से शुरू हो सके।
देश के 10 राज्यों में राज्यसभा की 37 सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया अभी चल रही है। इन 37 सीटों में से 26 उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुन लिए गए हैं। इसी बीच, हरियाणा में राज्यसभा की सीट को लेकर एक गतिरोध पैदा हो गया है, जहाँ मतदान प्रक्रिया रोक दी गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भारत के चुनाव आयोग को पत्र लिखकर इस मामले में उनके दखल की मांग की है।
**खड़गे ने क्या आरोप लगाए?**
इस पत्र में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे ने कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि चुनाव की निष्पक्षता में दखल देने की साफ़ कोशिश की जा रही है, और चुनाव आयोग को इसे तुरंत रोकना चाहिए और स्थिति को ठीक करना चाहिए।
**नतीजे घोषित होने से पहले चुनाव आयुक्त से मिलने का अनुरोध**
इसके अलावा, पत्र में उन्होंने चुनाव आयुक्त से मिलने के लिए समय मांगा है। पत्र में कहा गया है: "हम, कांग्रेस पार्टी, आपसे एक प्रतिनिधिमंडल के ज़रिए मिलने का अनुरोध करते हैं, जिसमें कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे और जिसका नेतृत्व कांग्रेस नेता डॉ. मनु सिंघवी करेंगे।" यह अनुरोध विशेष रूप से चुनाव नतीजे घोषित होने से पहले मिलने के लिए किया गया है। यह पत्र विधानसभा के भीतर राज्यसभा चुनावों के लिए चल रही मतदान प्रक्रिया के बीच लिखा गया था।
**हरियाणा में क्या गतिरोध है?**
हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए मतदान रोक दिया गया है, क्योंकि कांग्रेस सदस्यों द्वारा डाले गए दो वोटों पर आपत्तियाँ उठाई गई हैं। भाजपा के गौरव गौतम और किशन बेदी ने इन दो वोटों को लेकर आपत्तियाँ उठाई हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी ने भी मंत्री अनिल विज द्वारा डाले गए वोट को लेकर आपत्ति जताई है। वोटों की गिनती एक घंटे से ज़्यादा समय से रुकी हुई है। गौरव गौतम भाजपा के पोलिंग एजेंट के तौर पर काम कर रहे हैं, जबकि किशन बेदी पार्टी के चुनाव एजेंट हैं।